अध्याय 461

वायलेट

हमारे आस-पास की टीम पहले ही अपनी जगहें बदल चुकी थी और पलक झपकते ही पूरा इलाका भर गया था—सब अलग-अलग दिशाओं में निकल गए थे।

लूमिया ने एक पल भी इंतज़ार नहीं किया। उसने सिर पीछे झटका और सबकी आवाज़ से ऊँची, फाड़ देने वाली हुँकार भरी, फिर जंगल की तरफ़ झपट पड़ी। हमारे पीछे मैं उसे सुन रही थ...

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